प्रवासी अध्ययन केन्द्र (Pravasee Adhyayan Kendra)

प्रवासी अध्ययन केन्द्र का गठन अंतर-अनुशासनिक शोध एवं शैक्षणिक गतिविधियों को संचालित करने के लिए किया गया है। इस केन्द्र का उद्देश्य सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी के अनुशासनों यथा- समाजशास्त्र, मानवशास्त्र, राजनीति विज्ञान, साहित्य एवं सांस्कृृतिक अध्ययन आदि के संधि क्षेत्र में डायस्पोरा से जुड़े विभिन्न मुद्दों का अनुशीलन है। केन्द्र के माध्यम से भारतीय डायस्पोरा के ऐतिहासिक संदर्भ, उसकी सभ्यतागत धरोहर, सामाजिक एवं सांस्कृृतिक निरन्तरता तथा रूपान्तरण, मेजबान समाज के संदर्भ में उनका प्रवासन, अवस्थापन तथा पहचान निर्माण की प्रक्रियाएँ, उनके आर्थिक एवं राजनैतिक जीवन, वैज्ञानिक-तकनीकी तथा औद्योगिक विकास में उनका योगदान, भारतीय स्वभूमि तथा भारतीय डायस्पोरा के बीच संप्रेषण एवं जुड़ाव वैश्विक स्तर पर उनकी पहचान का संघर्ष एवं योगदान पर अध्ययन और शोध को बढ़ावा देना अभीष्ट है। इस केन्द्र में भारतीय प्रवासियों के सन्दर्भ में भारतीय लेखकों, प्रवासी लेखकों एवं गैर भारतीय लेखकों द्वारा सृजित साहित्य के तुलनात्मक अध्ययन को सम्मिलित किया गया है।